सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बिहार में मालगाड़ी की भीषण दुर्घटना, एक-दूसरे पर चढ़े 55 डिब्बे; कई किलोमीटर तक गूंजी आवाज

मालगाड़ी गया जिले में झारखंड की सीमा पर स्थित गुरपा रेलवे स्टेशन के पास हादसे का शिकार हो गई। । मालगाड़ी के करीब 55 वैगून पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोको पायलट और गार्ड सुरक्षित हैं।
बिहार में मालगाड़ी का भीषण हादसा हुआ है। गया-कोडरमा रेलखंड पर स्थित गुरपा स्टेशन के पास बुधवार सुबह कोयले से लदी मालगाड़ी ब्रेक फेल होने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मालगाड़ी के डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए और पूरा पहाड़ बन गया। हादसा इतना भीषण था कि डिब्बों के टकराने की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। पैसेंजर ट्रेनें पास के स्टेशनों पर ही रोक दी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक गझण्डी-गुरपा घाटी सेक्शन के दिलवा स्टेशन के पास से मालगाड़ी का ब्रेक फेल होकर बुधवार सुबह लॉस ऑफ कंट्रोल हो गया। फिर गुरपा होम सिग्नल पार करते ही ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दौरान इंजन से पीछे एक वैगन का कपलिंग टूट जाने से मालगाड़ी दो भागों में बंट गई। एक वैगन को लेकर इंजन घसीटते हुए करीब 500 मीटर दूर जाकर आरपीएफ बैरक के पास रूक गया। बाकी के टकराकर एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गए और पहाड़ बन गया।
दुर्घटना के दौरान इतनी भीषण आवाज हुई कि करीब चार-पांच किलोमीटर क्षेत्र के लोग सहम गए और घटनास्थल की ओर दौड़ भागे। घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हादसे की सूचना पाते ही गया जंक्शन के अधिकारियों की टीम मौके के लिए रवाना हुई। धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। कोडरमा आरपीएफ की टीम इंस्पेक्टर जवाहरलाल के नेतृत्व में दुर्घटना स्थल को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। गया जंक्शन के डिवीजन अधिकारी फाल्गुन राय भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर काम कर रहे हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जनजाति समुदाय की योजना: मां बाड़ी केंद्र पर वितरित किए किट

दौसा:  जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से स्वच्छ परियोजना द्वारा संचालित मां बाड़ी केन्द्र झील की ढाणी रामबास में बालकों को स्कूल बैंग,नोट बुक,पैंसिल,शोपनर, रबड़ आदि स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया गया ।  क्यों आवश्यकता पड़ी:  मां बाड़ी केंद्र का पूर्ण उपयोग ऐसे क्षेत्र में विशेष किया जाता है, जहां पर प्राथमिक स्कूल बहुत दूरी पर हो। जहां पर छोटे बच्चों को 2 किमी. से ज्यादा का सफर करना पड़ता है। इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मां-बाड़ी केंद्र को खोलने का प्रस्ताव रखा गया था। शिक्षा व स्वास्थ्य की पहल: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दौसा प्रधान श्रीमान प्रहलाद नारायण मीणा ने संबोधित करते हुए मां बाड़ी केन्द्र से जुड़कर विभिन्न जनजाति समुदाय की योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही तथा मां बाड़ी केन्द्र की सराहना की, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दौसा के मुख्य समन्वयक बाबूलाल सुसावत ने बताया कि सरकार द्वारा जनजाति समुदाय के बालक बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आदिवासी क्षेत्रों में मां बाड़ी केन्द्र खोले गए हैं,जिनसे जुड़कर जनजाति वर्ग के बच्चों शिक्षा,...

ग्राम पंचायत सिंडोली में नि:शुल्क चूल्हे वितरण

नि:शुल्क चूल्हे लेने के लिए उमड ग्रामीणों की भीड़  अंतोदय बीपीएल स्टेट बीपीएल धारकों को निशुल्क स्टोव चूल्हे की वितरण दौसा ग्रामीण कुण्डल उपतहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिण्डोली मुख्यालय पर रविवार को सरपंच बद्रीनारायण मीना के नेतृत्व मे बागडी फाउंडेशन लालसोट की और से लोहे के लकडी जलाने वाले वाले स्टोव चूल्हे वितरण किये गये रामबिलास सैनी ने बताया कि यह लोहे के लकडी जलाने वाले 150 स्टोव चूल्हे वितरण किये गये जिसमे अंतोदय बीपीएल स्टेट बीपीएल धारकों को को बागडी फाउंडेशन लालसोट की ओर से निशुल्क वितरण किए गए इस दौरान शाम तक ग्रामीणों की काफी भीड़ लगी लगी रही। राजेन्द्र सैनी ने बताया कि दौसा जिले के सभी ग्राम पंचायतों पर स्टोव चूल्हे बागड़ी फाउंडेशन के द्वारा निशुल्क वितरण किए जा रहे हैं स्टोव चूल्हे में प्रदूषण कम फैलता है और लकड़ी कम चलानी पड़ती है इससे लोगों को हानी कम होती है इस दौरान छुट्टन सैनी राजेश सैनी रामनिवास सैनी समाजसेवी जितेन्द्र शर्मा रामस्वरूप मीना कैलाश मुकेश अन्य ग्रामीण मौजूद रहे

भूख प्यास से तड़प रही गाय,लहूलुहान गायों को कुत्ते खा रहे हैं

     DAUSA :   नगर परिषद के द्वारा नंदी गौशाला के पास में 5 लाख की लागत से बनाया गया आइसोलेशन सेंटर पर गाय यह भूख प्यास से तड़प रहे हैं गायों को 24 घंटे में एक बार सूखा चारा डाला जाता है क्या आप बता सकते हैं कि किसी भी जानवर को जीवित रहने के लिए एक टाइम डाला गया सूखा चारा काफी होता है क्या साथ ही गायों का किसी भी प्रकार का कोई इलाज नहीं किया जा रहा आइसोलेशन सेंटर पर लगभग 15:20 गए हैं जो लंबी महामारी से जूझ रही है इसी बीच में नगर परिषद दौसा में अपने ऊपर जिम्मेदारी लेते हुए इस जिम्मेदारी को नंदी गौशाला के ऊपर है थोप रही है और कह रही है कि नंदी सदन की जिम्मेदारी है कि वह गौशाला के अंदर है आइसोलेशन की गई गायों की देखभाल करें 5 लाख की लागत से बने आइसोलेशन सेंटर पर किस तरीके से भ्रष्टाचार हो रहा है वहां पर कुछ ऐसी दुर्लभ तस्वीरें देखने को मिली जहां पर कुत्ते गायों को नोच नोच कर खा रहे थे और जीवित गाय दर्द के मारे तड़प रही थी इसी बीच में शहर के अनेक क्षेत्रों के अंदर युवा शक्तियों ने मिलकर के आइसोलेशन सेंटर बनाए रखें जहां पर गायों का व्यवस्थित रूप से उपचार और खानपान की व्यव...